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होममाइलस्टोनतटीय समुदाय की आजीविका सुरक्षाफिशर फ्रेंड मोबाइल एप्लिकेशन (एफएफएमए)

छोटे पैमाने के मछली उत्पादकों के लिए निर्णय लेने वाला सपोर्ट सिस्टम

Fisher Friend Mobile Application
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पृष्ठभूमि

भारत के तमिनाडु राज्य के नागापट्टीनम जिले के वेदारण्यम तट के मछली पकड़ने वाले समुदायों के लिए मोबाइल एप समुद्री सुरक्षा, कम आय, और मछलियों के समूह तक पहुंचने की समय सीमा से संबंधित मुद्दों का समाधान कर रहा है। फिशर फ्रेंड मोबाइल एप्लीकेशन को समुदाय के इच्छुक लाभार्थियों के लिए इस प्रौद्योगिकी की उपयोगिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए एक सहभागी फीडबैक दृष्टिकोण का प्रयोग करके पेश किया गया था।

मछली पकड़ने वाला समुदाय सर्वाधिक नाजुक समुदाय है जो अपने जीवन और आजीविका को जोखिम मे डालने वाली अनेक चुनौतियों जैसे कि अनिश्चित मौसम और समुदी स्थिति, समुद्र मेंखतरे के क्षेत्र, मछली के समूहों की मौजूदगी के बारे में जीपीएस सूचना का अभाव, फिश की प्रोसेसिंग में गुणवत्ता, मूल्य बर्धन और भंडारण का अभाव, बाजार की प्रवृति और सरकारी योजनाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। इस परिप्रेक्ष्य में एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन ने 2007 में फिशर फ्रेंड मोबाइल एप्लीकेशन के बारे में विचार किया और इसे तैयार किया तथा बाद में इसे एन्ड्रॉयड मोबाइल प्लेटफार्म पर अपग्रेड किया। अब व्यापक पहुंच और लाभ के लिए इसे गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध करा दिया गया है। फिशर फ्रेंड मोबाइल एप्लीकेशन मछली पकड़ने वाले समुदाय को निम्नलिखित सूचनाएं प्रदान करता है:

  • संभावित फिशिंग जोन और टीयूएनए प्रजाति विशिष्ट पूर्वानुमान।
  • पीएफजेड और पारंपरिक फिशिंग रूटों/अंचलों तक सीधे नेविगेशन के लिए जीपीएस सुविधा।
  • लहरों की ऊंचाई, हवा की गतिऔर दिशा, समुद्री धारा और समुद्र की सतह का तापमान जैसे समुद्र की स्थिति का पूर्वानुमान।
  • तत्काल अलर्ट डिस्प्ले के माध्यम से साइक्लोन, सुनामीऔर ऊंची लहरों के संबंध में आपदा चेतावनी।
  • समुद्र में डुबी हुई नौकाओं, चट्टानी हिस्से, मृत कोरल रीफ जैसे खतरे के क्षेत्र।
  • विभिन्न मछलियों की प्रजातियों की बाजार मे कीमत।
  • श्री लंका के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखा (आईबीएल) के बारे में चेतावनी।
  • समुद्र में गंभीर स्थिति मे होने पर बचाव के लिए एसओएस (सेव आवर सोल) विकल्प।
  • आपातकालीन स्थिति में होने पर हार्बर की स्थिति का नेविगेशन।
  • सरकारी योजनाएं और दैनिक समाचार।
  • माई ट्रैकर (ट्रैकिंग फिशिंग रूट)।
  • महत्वपूर्ण संपर्क विवरण के साथ कॉल करने की सुविधा।

आईएनसीओआईएस समुद्र की स्थिति का पूर्वानुमान, संभावित फिशिंग जोनसूचना, शीघ्र चेतावनी आदि के संबंध में अपनी वैज्ञानिक सूचना प्रदान करता है। एमएसएसआरएफ ग्रामीण संसाधन केंद्र फिशरीज, बाजार की कीमत और आपातकालीन नंबर से संबंधित सरकारी सूचनाओं के साथ वैज्ञानिक डाटा का सरलीकरण करता है और सर्वर के डाटाबेस से लिंक वेबसाइट पर इसे अपलोड करता है। इस एप्लीकेशन का उपयोग करने वाले फिशरमैन को उल्लेखनीय लाभ हुआ जिसे वीआरसी और वीकेसी द्वारा किए गए आवधिक अनुवर्तन और आवश्यकता आधारित मूल्यांकन से प्रकाश में लाया गया। बड़ी मात्रा में प्रयोक्ताओं को एप्लीकेशन के माध्यम से सूचनाओं का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए पीएफजेड और ओएसएफ सूचनाएं भारतीय राष्ट्रीय समुद्री सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) से आटो पोर्ट की जाती हैं।

नागापट्टीनम जिले के वेदारण्यम क्षेत्र में एफएफएमए

नागापट्टीनम जिला 2004 के दौरान आई सुनामी में सर्वाधिक प्रभावित जिला था जिसमें लगभग 7000 जानें चली गई और लगभग 40,000 घर तबाह हो गए (एनआरसीआर, 2005)। अतएव, एफएफएमए की उत्पत्ति की सोच सुनामी के बाद के पुनर्वास कार्यकलापों के संदर्भ में विचार में आई। एप की विजिविलिटी में वृद्धि करने के लिए ग्राम स्तरीय बैठकों, एक एक से बातचीत, फिशर को एफएफएमए के दूत के रूप में बढ़ावा देकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम से उद्घोषणा करके और सोशल मीडिया अभियान सहित एफएफएमए दल द्वारा एक बहु-स्तरीय क्षमता वर्धन कार्यनीति शुरू की गई है। लगभग 8,223 मछली पकडने वाले लोगों को एफएफएमए और इसकी विशेषताओं के बारे मे प्रशिक्षित किया गया है; जिसके परिणामस्वरूप इस समय 5,593 मछली पकड़ने वाले लोग एफएफएमए एप का उपयोग करके फिशिंग संबंधी दैनिक शीघ्र चेतावनी और अन्य संगत सूचना प्राप्त कर रहे हैं।

मछली पकड़ने वाले लोगों द्वारा अर्जित लाभ

मछुआरों द्वारा प्राप्त शीर्ष सूचनाओं में ओएसएफ, जीपीएस, पीएफजेड, मौसम, हार्बर, पीएफजेड मैप और सरकारी योजनाओं की जानकारी शामिल है। 80 प्रतिशत से अधिक मछुआरे बेहतर निर्णय और मछली पकड़ने के लिए पीएफजेड सूचना का उपयोग करते हैं। छोटी नौका वाले मछुआरे पीएफजेड एडवाइजरी के कारण अपने पारंपरिक फिशिंग ग्राउंड से बाहर चले जाते हैं। एफएफएमए एप से सूचना प्राप्त करने वाले मछुआरे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूपों में लाभ प्रापत करते हैं। प्रत्यक्ष लाभ में मछली पकड़ने में और निवल आय में वृद्धि होती है। मछली के बढ़े हुए उत्पादन के कारण फिशिंग क्रू की मजदूरी में भी वृद्धि हुई है। कुछ मछुआरों ने नौका परिसंपत्तियों के प्रापण के लिए लिए गए ऋण को वापस करने के लिए अपने लाभ का उपयोग किया है। मछआरों यह भी बताया कि एडवाइजरी के कारण वे यह निर्धारित करने में समर्थ हैं कि फिशिंग ट्रिप पर जाने के लिए उन्हे कितने डीजल/बर्फ की आवश्यकता होगी।

एफएफएमए का उपयोग करने से फिशिंग इनपुट विशेषकर डीजल पर होने वाले खर्च पर्याप्त रूप से कम हो गया है। पीएफजेड, जीपीएस और माय ट्रैकर सुविधा का उपयोग करने का प्रमुख लाभ डीजल उपभोग में कमी और अपने फिशिंग स्थल तक समय से पहुंचने में सुविधा है। नाविकों ने बताया कि मछली के समूहों तक पहुंचना कम कठिन रह गया है और डीजल खर्च में कमी स्वयं एक प्रमुख आर्थिक लाभ है।

एफएफएमए की उपयोगिता के बारे में मछली पालक समुदाय की राय

सविंद्रन अब समुद्र में गायब नही होगा: मैं वेदारण्यम में अरकुट्टुथुराई गांव का 23 वर्षीय सविंद्रन हूं। मैं पारंपरिक मछुआरा हूं। मैं अपने पिता के साथ मछली पकड़ने जाया करता था और अब मैं अकेले समुद्र में जाने का साहस करता हूं। चूंकि ट्रॉलर नावें हमारे क्षेत्र में मछली पकडती हैं और वे हमारी जालों को काट देती हैं जिसके परिणामस्वरूप हमारा मछली पकड़ने का कार्य रूक जाता है। यहां तक कि तेज हवाओं के कारण हम समुद्र में अपनी दिशा भूल जाते थे। एफएफएमए के माध्यम से हमारे कार्य में ओएसएफ की शुरूआत होने से हम मौसम पूर्वानुमान के बारे में जानकर सुरक्षित और विश्वास से यात्रा करते हैं। पीएफजेड सूचना सटीकता और रूट नेविगेशन के कारण फिशिंग के अवसर, कुशलतामें वृद्धि हुई है और कम डीजल खर्च करके बड़ी मछलियों को पकड़ने में सहायता मिलती है। पीएफजेड एडवाइजरी के आधार पर दो अलग अलग अवसरों पर हमने 200 किग्रा. की समुद्री मछली और 500 किग्रा. की ट्यूना मछली जो 70,000 रूपए में बिकी, को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। इस आर्थिक सुधार से हम अपनी आजीविका में सुधार करने के लिए नए जाल खरीदने का खर्च वहन कर सके। हमारे पूर्वज अपने मनोभावों, पानी के रंग और मौसमी भिन्नताओं के आधार पर मौसम का अनुमान लगाते थे किंतु अब हम अपने मोबाइल उपकरण के माध्यम से ओएसएफ के रूप में ऐसी सटीक सूचना प्राप्त करने में समर्थ रहते हैं।

महेश ने प्रौद्योगिकी का उपयोग करके लाभ अर्जित किया: मेरा नाम महेश है और मैं नागापट्टीनम जिले के वेदारण्यम तालुक मछुआरों के गांव, वेलापल्लम का निवासी हूं। मुझे एमएसएसआरएफ से संभावित फिशिंग क्षेत्र, मौसम तथा समुद्र के मौसम पूर्वानुमान की स्थिति के बारे में सूचना प्राप्त होती रहती है। उदाहरण के लिए उच्च वायु गति के बारे में सूचना हमें गाइड करती है कि हम समुद्र में न जाकर घर पर रहें और जाल तैयार करने का कार्य करें। कुछ अवसरों पर हम हवा की असामान्य गति और लहरों की ऊंचाई के बारे में अनुमान के बारे में समुद्र की स्थिति के पूर्वानुमान की विश्वसनीयता का सत्यापन करने के लिए साक्ष्य हेतु समुद्री किनारे पर जाते हैं। हम अनुमान की सटीकता के साक्षी रहे हैं और हमने समय पर अपने एंकर बोट और महंगे जालों को सुरक्षित स्थानों पर रख दिया था और इस प्रकार उनको खोने और क्षतिग्रस्त होने से बचाया है। इस प्रकार एफएफएमए के निर्णय लेने की सपोर्ट प्रणाली ने लाखों रूपए की हमारी संपत्ति को सुरक्षित रखने में सहायता की है।

सूचना ने हमारे फिशिंग के अवसरों, कुशलता को बढ़ाने में सहायता देने के साथ ही तीन अवसरों पर बड़ी मछलियों को पकड़ने में सहायता की है। 13 दिसंबर, 2016 को शाम 6 बजे मुझे पीएफजेड एडवाइजरी प्राप्त हुई जिसमें वेदारण्यम तटीय क्षेत्र में जीपीएस समन्वय का संकेत प्राप्त हुआ। मैं एडवाइजरी के आधार पर समुद्र में उतरा और 15 पागम पर समुद्री मछली, कैरांगिड और ट्यूना के बड़ी बड़ी मछलियो को पकड़ा। इस मछली पकड़ने के कार्य से सामान्य बिक्री मूल्य से 20,000 रूपए अधिक का लाभ प्राप्त हुआ। अत: यह समझा जा सकता है कि समुद्र में उतरने से पहले हम उचित और व्यवहार्य निर्णय लेने के लिए पीएफजेड, ओएसएफ और मौसम पूर्वानुमान की सूचना के लिए एफएफएमए का अवलोकन करते हैं। एमएसएसआरएफ द्वारा दिया गया जीपीएस प्रशिक्षण बहुत उपयोगी रहा है; इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल से मैं अपने जीपीएस का उपयोग करता हूं और कुशलता से और सुरक्षित यात्रा करता हूं।

श्री मुरूगन, नागोरीपट्टीनाचेरी: मैं नागापट्टीनम जिले में मछुआरों के नागोरीपट्टीनाचेरी गांव से हूं। 18 नवंबर, 2016 को लगभग 3 बजे सुबह को मैं और तीन और लोग तट से 35 किमी. दूर मछली पकड़ने के लिए समुद्र के अंदर गए। अचानक इंजन खराब हो गया और हम समुद्र के बीच में फंस गए। हम चिंतित थे क्योंकि आसपास कोई नही था और अन्य मछुआरों को अपने स्थान के बारे में सूचित करने के लिए आसपास कोई लैंडमार्क नहीं था। तथापि, मेरे एक साथी मछुआरे ने बोट की लोकेशन को पिन करने के लिए एफएफएमए जीपीएस सुविधा के बारे मे बताया। इस एप का उपयोग करके मैं अपने मित्रों को अपनी लोकेशन के बारे में सूचित कर सका और वे आकर हमें बचा कर ले गए।

माइलस्टोन