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होमपरियोजनासमुद्र तट पर्यावरण और सौंदर्यशास्त्र प्रबंधन सेवाएं(बीईएएमएस)

भारत के प्रायोगिक समुद्र तटों के लिए अवसंरचना सुविधाएं, प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा/निगरानी सेवाएं

एक ‘स्वच्छ समुद्र तट’ तटीय पर्यावरण गुणवत्ता और प्रबंधन का प्रमुख संकेतक होता है। तथापि, भारत में समुद्र तटीय क्षेत्र कुड़ा एकत्र हो जाने के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। कुड़े के ढेर की इस प्रकार उपस्थिति न केवल समुद्री तटों की सुंदरता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं अपितु ये इनके मनोरंजक (पर्यटन) मूल्यों में भी भारी गिरावट के कारण बनते हैं।

स्थाई पर्यटन और स्वस्थ तटीय प्रबंधन व्यवस्था के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने समुद्र तटों पर मौजूदा प्रदूषकों को कम करने और भारत में ऐसे उच्च अंतर्राष्ट्रीय मानकों की आकांक्षा करने तथा इसे प्राप्त करने के लिए बीम्स (इसे समुद्र तट प्रबंधन सेवाएं नाम से भी जाना जाता है) नामक एकीकृत तटीय प्रबंधन स्कीम की कल्पना की है।

बीम्स कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत में समुद्र तट प्रबंधन प्राधिकरणों हेतु तटीय क्षेत्रों में स्थाई विकास को बढ़ावा देना है ताकि वे निम्नलिखित चार क्षेत्रों में उच्च अंतर्राष्ट्रीय मानक प्राप्त करने के लिए प्रयास कर सकें:

  • समुद्र तटों पर स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सहित पर्यावरण प्रबंधन।
  • पर्यावरण शिक्षा।
  • समुद्र तटों पर जाने वाले लोगों की सुरक्षा।
  • नहाने के पानी की गुणवत्ता के मानक।

साइकाम ने इस कार्यक्रम के अंतर्गत तथा स्वच्छ भारत अभियान के अनुसरण में 13 प्रायोगिक समुद्र तटों (प्रत्येक तटीय राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में एक समुद्र तट) पर स्वच्छ समुद्र तट के लिए प्रक्रिया शुरू की है।