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होमपरियोजनाआईसीजेडएम प्रोजेक्ट चरण 1राज्य घटक

गुजरात राज्य के संघटक

गुजरात मे कच्छ खाड़ी को आईसीजेडएम परियोजना के अंतर्गत अभिचिन्हित किया गया है। प्रायोगिक निवेश को कच्छ की खाड़ी (180 किमी. का फैलाव या गुजरात के तटों का 10 प्रतिशत भाग) में पारिस्थितिकी, आर्थिक और सामाजिक सरोकारों के एकीकृत प्रबंधन को प्रदर्शित करने के लिए तैयार किया गया है। यह संघटक निम्नलिखित में प्रायोगिक निवेश को भी सहायता देगा:

  • मैनग्रोव और तटीय शेल्टर बेल्ट पौधरोपण, मूंगा चट्टान का पुन: सृजन और एक मरीन संसाधन सूचना और संरक्षण केंद्र की स्थापना सहित तटीय संसाधनों का संरक्षण और सुरक्षा।
  • मूंगा चट्टानों का और अपकर्ष रोकने के लिए जामनगर शहर में सिवरेज सिस्टम को पूर्ण करके पर्यावरण और प्रदूषण प्रबंधन।
  • वन क्षेत्रों के भीतर और बाहर तटीय गांवों में इको पर्यटन और संबद्ध आजीविका में सुधार करने सहित तटवर्ती समुदायों की आजीविका सुरक्षा।
  • अधिक जानकारी के लिए www.gec.gujrat.gov.inदेखें।

ओडिशा राज्य संघटक

ओडिशा राज्य में पारादीप-डमरा गोपालपुर-चिलका को एकीकृत तटीय अंचल प्रबंधन कार्यक्रम के लिए अभिचिन्हित किया गया है। इन दो क्षेत्रों में तटीय संसाधनों पर निर्भर बड़ी मात्रा में नाजुक जनसंख्या निवास करती है। प्रायोगिक निवेश में निम्न शामिल होगा:

  • आलिव राइडली, कछुआ और अन्य जलीय वन्यजीवों के साथ-साथ पेंथा गांव में एक तटबंध सहित तटीय संसाधनों का संरक्षण और सुरक्षा।
  • पारादीप के तटवर्ती शहरों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को पूर्ण करके पर्यावरण और प्रदूषण प्रबंधन।
  • चिल्का और गहिरमाथा वन्यजीव अभ्यारण के निकट 60 गांवों में संबद्ध कृषि कार्यकलापों में सहायता देने के साथ तटवर्ती समुदायों की आजीविका सुरक्षा।
  • अधिक जानकारी के लिए: www.iczmpodisha.orgदेखें।

पश्चिम बंगाल राज्य संघटक

पश्चिम बंगाल राज्य में आईसीजेडएम परियोजना के अंतर्गत अभिचिन्हित क्षेत्र दीघा-शंकरपुर और सुंदरबन में सागर द्वीप समूह हैं। प्रायोगिक निवेश आईसीजेडएम योजना को पूर्ण करेगा और इसमें निम्न शामिल होगा:

  • मैनग्रोव और तटीय शेल्टर बेल्ट पौधरोपण का संरक्षण और सुरक्षा।
  • दीघा समुद्र तट और सागर द्वीप समूह के दक्षिणवर्ती किनारों में तटरेखाओं के संरक्षण में प्रायोगिक कार्य।
  • सागर में 100 प्रतिशत घरेलू विद्युतीकरण; दीघा में मरीन एक्वेरियम, शोध केंद्र का विकास, मछली का उत्पादन पश्चात रखरखाव और मछली की नीलामी।
  • आजीविका में वृद्धि करने के लिए वनीकरण, छोटे पैमाने पर इको पर्यटन कार्यकलापों को बढ़ावा देना।
  • तटवर्ती गांवो में साइक्लोन शेल्टर उपलब्ध करवाना।
  • अधिक जानकारी के लिए: www.ieswm.orgदेखें।